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Maharashtra Politics: महायुति में BJP और शिवसेना के बीच बढ़ी तकरार, 500 करोड़ के आरोप से MLC चुनाव तक घमासान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | महाराष्ट्र के महायुति गठबंधन में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच तनाव की चर्चा तेज है। 500 करोड़ के आरोप, ठाणे हत्याकांड, MLC चुनाव और अमृता फडणवीस के बयान से सियासी हलचल बढ़ी।

2 नवंबर 2026 | Alam Ki Khabar


महाराष्ट्र की सत्ता में महायुति की मुश्किलें बढ़ीं, BJP-शिवसेना के बीच कई मुद्दों पर टकराव


महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति सरकार में भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच रिश्तों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीते दिनों सामने आए कई विवादों ने गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल पर सवाल खड़े किए हैं। मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े 500 करोड़ रुपये के आरोप, ठाणे का प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड और विधान परिषद चुनावों में प्रदर्शन को लेकर सहयोगी दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी ने तनाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


इसी राजनीतिक माहौल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, राज्य में सूखे की स्थिति, राजनीतिक दलों के भीतर की खींचतान और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों के बीच मुख्यमंत्री को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।


500 करोड़ रुपये के आरोप से शुरू हुआ नया विवाद


मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में आंदोलन समाप्त कराने के लिए शिवसेना की ओर से भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए जाने की चर्चा है। उन्होंने दावा किया कि यह रकम उनके नाम पर ली गई, लेकिन उन्हें नहीं मिली।


जरांगे की ओर से एक कथित ऑडियो क्लिप भी जारी की गई। इसमें एक महिला की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया और बातचीत में रकम एकनाथ शिंदे के बेटे तथा सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचाने का जिक्र बताया गया। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कथित ऑडियो की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए।


इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला भाजपा और शिवसेना के बीच राजनीतिक तनाव की एक बड़ी वजह बन गया है।


शिंदे को किनारे करने की कोशिश का आरोप


शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में भाजपा नेता प्रसाद लाड और मनोज जरांगे पाटिल की साथ भोजन करते हुए तस्वीरों का भी हवाला दिया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष और उनकी पुष्टि अलग से महत्वपूर्ण होगी।


ठाणे हत्याकांड ने भी बढ़ाई राजनीतिक गर्मी


ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से जुड़े नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद भी राजनीतिक विवाद तेज हुआ। इस मामले में शिंदे गुट की नेता और ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे तथा उनके पति पर साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही देखा जाना चाहिए।


इस हत्याकांड पर शिवसेना के दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना है। भाजपा की ओर से इस विवाद पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आने को भी राजनीतिक हलकों में गठबंधन के रिश्तों के संदर्भ में देखा जा रहा है।


MLC चुनाव के नतीजों ने बढ़ाई सहयोगी दलों की नाराजगी


महाराष्ट्र विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के चुनाव में महायुति को दो सीटों पर जीत मिली, जबकि महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटें हासिल कीं। इसके बाद भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने सहयोगी शिवसेना पर पर्याप्त सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।


इस बयान पर शिवसेना नेता निलेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एकनाथ शिंदे के बारे में बोलते समय भाजपा प्रवक्ता को अपनी मर्यादा में रहने की नसीहत दी। विवाद बढ़ने पर एकनाथ शिंदे को अपने नेताओं को गठबंधन के सहयोगी दलों के बारे में बयान देते समय संयम बरतने की हिदायत देनी पड़ी।


अमृता फडणवीस के बयान से फिर चर्चा तेज


लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच अमृता फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व का फैसला पुरुष या महिला होने के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होना चाहिए। महिला मुख्यमंत्री के सवाल पर उनका कहना था कि महिलाएं अपने काम और क्षमता के दम पर राजनीति में अपनी जगह बना सकती हैं।


फिलहाल महायुति सरकार के भीतर किसी बड़े टूट या गठबंधन खत्म होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लगातार हो रही बयानबाजी और विवादों ने भाजपा तथा शिंदे की शिवसेना के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर सवाल जरूर बढ़ा दिए हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के शीर्ष नेताओं का रुख यह तय करेगा कि यह तनाव केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या गठबंधन की राजनीति पर इसका व्यापक असर पड़ता है।


पूरी खबर पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।

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